10:11 pm | प्रस्तुतकर्ता
साहित्य-शिल्पी |
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नाम : आलोक शंकरपिता : श्री वीरेंद्र पाण्डेय
जन्म : रामपुरवा बिहार , २५ अक्तूबर १९८३ को .
शिक्षा : विकास विद्यालय रांची में बारहवी तक .
कोचीन यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी से सूचना प्राद्यौगिकी में अभियांत्रिकी | वर्त्तमान में बेंगलुरु में सिस्को सिस्टम्स में सॉफ्टवेर इंजिनियर के रूप में कार्यरत |
साहित्यिक गतिविधियाँ : विभिन्न कवि सम्मेलनों , मुशायरों में काव्य पाठ | रेडियो और विभिन्न वेब साईट पर कवितायें प्रसारित - प्रकाशित | हिंद युग्म के द्वारा यूनिकवि और यूनिपाठक घोषित , और अभी हिंद युग्म के भी सदस्य कवि के रूप में लेखन | हिंद युग्म के काव्यात्मक परिचय की रचना | हिन्दी की सेवा हेतु इन्टरनेट पर कार्यरत |
मेरे चिंतन , मेरे प्रमाद
यह सुखद मौन, हा : यह विषाद
अंतस की तुमुल विविधता री !
यह आलिंगन , या आर्त्तनाद ?
पता : एन ३०२ , श्रीराम समृधि अपार्टमेंट्स , तुबराहल्ली , कुन्दन्हाल्ली गेट के पास | बंगलोर - ६६
दूरभाष : ९९०२९३११८०
ईमेल : alok.shankar@gmail.com
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